Friday, March 6, 2026
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गिरिडीह में मनाया जाएगा गांधी-शताब्दी समारोह

— आयोजन समिति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी जानकारी

— महात्मा गांधी का गिरिडीह में हुआ था आगमन, 6 एवं 7 अक्टूबर 1925 को यहां था प्रवास

गिरिडीह : गिरिडीह में गांधी शताब्दी समारोह को लेकर आयोजन समिति ने सोमवार को नया परिसदन भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में समारोह के संयोजक कृष्णकांत और सह संयोजक कृष्ण मुरारी शर्मा ने बताया कि महात्मा गांधी 6 अक्टूबर 1925 को गिरिडीह पधारे थे। 6 एवं 7 अक्टूबर को उनका यहां प्रवास हुआ था। उस ऐतिहासिक क्षण का अक्टूबर 2025 में सौ साल पूरे हो रहे हैं। इसलिए गिरिडीह के प्रबुद्धजनों ने गांधी शताब्दी समारोह मनाने का निर्णय लिया है, जिसकी तैयारी चल रही है। इस समारोह की सफलता के लिए गिरिडीह के प्रबुद्धजनों का सहयोग अपेक्षित है।

महात्मा गांधी 6 अक्टूबर को देवघर से वर्तमान गिरिडीह जिला के खरगडीहा पधारे थे

आगे संयोजक-द्वय ने विस्तार से बताया कि महात्मा गांधी 6 अक्टूबर को देवघर से वर्तमान गिरिडीह जिला के खरगडीहा पधारे थे तथा वहां से गिरिडीह होते हुए दो दिनों के प्रवास के बाद गिरिडीह से मधुपुर गए थे। 6 व 7 अक्टूबर 1925 में इन दो दिनों के गिरिडीह प्रवास के दौरान उन्होने यहां के लोगों और संस्कृति की सराहना करते हुए आमजन को खादी, स्वाबलंबन और स्वतंत्रता आन्दोलन में समर्पण के लिए प्रेरित किया था और गिरिडीह में स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी थी। यह यात्रा गिरिडीह के लिए एक ऐतिहासिक गौरव का पल है और महात्मा गांधी के आगमन के सौ वर्ष पूर्ण होने के इस ऐतिहासिक अवसर पर ‘गिरिडीह में गांधी-शताब्दी समारोह’ का आयोजन किया जा रहा है।

गांधी विचार और दर्शन पर संगोष्ठी, खेलकूद, सांस्कृतिक समारोह होंगे

समारोह के अन्तर्गत विभिन्न कार्यक्रम होंगे। समारोह मुख्यतः खरगडीहा और गिरिडीह में मनाया जायेगा जिसके अन्तर्गत गांधी विचार और दर्शन पर संगोष्ठी, खेलकूद, सांस्कृतिक समारोह तथा दो दिवसीय खरगडीहा से पचम्बा तक की पदयात्रा आयोजित की जायेंगी। समारोह की सफलता के लिए आयोजन समिति बनाई गई है। आज के प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल समिति के संयोजक कृष्णकांत एवं सह संयोजक कृष्ण मुरारी शर्मा के साथ पत्रकार राकेश सिन्हा, लक्ष्मी अग्रवाल, आलोक रंजन, रितेश सराक, प्रभाकर, सुनील मंथन शर्मा व विलियम जैकब, समाजसेवी धरणीधर प्रसाद, शंकर पाण्डेय, राजेश सिन्हा, रामजी यादव, मनुवर हसन बंटी, सैयद सबिह अशरफ, दिलीप मंडल, चन्दर वर्मा, दिवस कुमार शामिल थे।
आयोजन समिति में सतीश कुंदन, बैद्यनाथ, बैजनाथ प्रसाद बैजू, रामदेव विश्वबंधु, उमेश तिवारी, सुरेश शक्ति, अरुण शर्मा, आलम अंसारी, रोहित दास, जयकुमार मिश्र, बद्री दास, नवीन सिन्हा, प्रोफेसर बलभद्र, प्रो. फ्रफुल्ल सिंह भी शामिल हैं।

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