सितम्बर में होगा स्व. नंदकिशोर प्रसाद स्मृति सारेगामा गीत प्रतियोगिता
कला-संस्कृति के संरक्षण के लिए कला संगम की बैठक में कई प्रस्ताव पारित
गिरिडीह : विभिन्न प्रस्तावों को लेकर कला संगम की बैठक ईश्वर स्मृति भवन में कार्यकारी अध्यक्ष पंकज कुमार ताह की अध्यक्षता में हुई। संचालन सचिव सतीश कुन्दन ने किया। सबसे पहले 30 जून हूल दिवस पर सिद्धू कानू फूलो झानो के संघर्ष को याद कर श्रद्धांजलि दी गई।
बैठक में कोषाध्यक्ष बिनय बक्शी की ओर से गत वर्ष के आय-व्यय प्रस्तुत किया गया, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। संस्था का पंजीकरण सोसाइटी एक्ट के तहत कराने का निर्णय लिया गया। सचिव को इसके लिए अधिकृत किया गया।

भावी कार्यक्रमों पर चर्चा करते हुए नाट्य प्रमुख नीतीश आनंद ने कहा कि बच्चों में नाट्य प्रतिभा उभारने के लिए बाल रंगमंच का गठन कला संगम को करना चाहिए, जिसे सर्वसम्मति से पारित करते हुए चार सदस्यीय कमिटी का गठन किया गया। इसमें राजेश सिन्हा, नीतीश आनंद, इंद्रजीत मिश्रा एवं रवीश आनंद को शामिल किया गया। मार्गदर्शन सचिव सतीश कुन्दन करेंगे।
जुलाई माह में सावन महोत्सव के तहत सुगम संगीत कार्यक्रम अधिवक्ता संघ भवन में रविवार को किया जायेगा।
संरक्षक अजय कुमार सिन्हा के प्रस्ताव पर सर्वसम्मति से स्व. नन्द किशोर प्रसाद की स्मृति में सारेगामा गीत प्रतियोगिता आयोजित करने का निर्णय लिया गया, जिसका ऑडिशन 7 सितम्बर को तथा प्रतियोगिता 13-14 सितंबर को कराने का निर्णय लिया गया।
संरक्षक राजेन्द्र बगडिया ने कहा संगठन को राष्ट्रव्यापी पहचान बरकरार रखने के लिए नाटक टीम को काला हीरा धनबाद, आगरा तथा आजमगढ़ जाने में टीम को हर संभव सहायता दी जायेगी।
संरक्षक सतविंदर सिंह सलूजा तथा डॉ विकास लाल ने पंकज ताह के उठाए सवाल पर कहा कला संगम एक बड़ी संस्था है। हमारे कार्यक्रम पारदर्शी तरीके से होता है। हम संस्कृति की रक्षा के लिए हर कदम उठाते हैं।
मौके पर संरक्षक राजेंद्र बगेड़िया, अध्यक्ष प्रकाश सहाय, नयनदीप सिन्हा, अनिल चंद्रवंशी को आजीवन सदस्यता के लिए सम्मानित किया गया।
बाल कलाकार रंगमंच का होगा गठन
कला संगम रंगमंच के प्रति जागरुकता पैदा करने के लिए 8 से 17 वर्ष के बच्चों का एक बाल कलाकार रंगमंच का गठन करेगा। स्कूलों के बच्चों को जोड़ा जायेगा। बच्चों को प्रशिक्षित करने के लिए कार्यशाला आयोजित किया जायेगा। कार्यशाला का निर्देशन संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्राप्त राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के निर्देशक अजय मलकानी होंगे। प्रशिक्षक निर्देशक वशिष्ठ प्रसाद सिन्हा, मो निजाम, शिवलाल सागर तथा दिल्ली से सुनील चौहान होंगे। कार्यशाला में नाटक के अभिनय, निर्देशन, क्राफ्टिंग, लाइटिंग का प्रशिक्षण दिया जायेगा।
महाभारत पर आधारित कथानक एवं शंकर शेष द्वारा रचित प्रसिद्ध नाटक ‘कोमल गांधार’ का मुहूर्त किया जायेगा। पंकज ताह ने कहा इस वर्ष कला संगम के अखिल भारतीय नाटक नृत्य प्रतियोगिता के आयोजन का सिलवर जुब्ली जयंती वर्ष है। हमें व्यापक तैयारी करनी है ताकि नाटक और नृत्य जगत में एक इतिहास बन सकें।
धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष अंजनी कुमार सिन्हा ने किया।
बैठक में अध्यक्ष प्रकाश सहाय, संरक्षक राजेन्द्र बगडिया, सतविंदर सिंह सलूजा, डॉ विकास लाल, अजय कुमार सिन्हा, कार्यकारी अध्यक्ष पंकज ताह, उपाध्यक्ष अंजनी कुमार सिन्हा, सह सचिव शिवेन्द्र कुमार सिन्हा , मदन मंजर्वे, कोषाध्यक्ष बिनय बक्शी, सह संयोजक राजेश सिन्हा, नाट्य प्रमुख नीतीश आनंद, संगीत प्रमुख अरित चंद्रा, मीडिया प्रभारी सुनील मंथन शर्मा, डॉ तारकनाथ देव, रोटरी के देवेंद्र सिंह, नयनदीप सिन्हा, अजय शिवानी, दीवानंद प्रसाद, अनिल चंद्रवंशी, रवीश, शुभम, आकाश, सिद्धांत, संजीव रंजन, अजय गुप्ता, दीपक सिन्हा, कविन्दर भट्टाचार्य, क्रांति साहा, शिलधर प्रसाद आदि मौजूद थे।
