Friday, March 6, 2026
झारखंडन्यूज़

मोतियाबिंद सर्जरी शिविर में दिखा सेवा, संवेदना और संकल्प का संगम

— शिविर में 74 का हुआ सफल ऑपरेशन, 592 लोगों की हुई जांच, 74 चेन्नई रेफर किए गए

— श्री दुर्गा माता शिशु विद्या मंदिर में बोक्सा ट्रस्ट ने दिया आरओ संयत्र

सुनील मंथन शर्मा

गिरिडीह : श्री दुर्गा माता शिशु विद्या मंदिर मोहनपुर के प्रांगण में बोकारो ओल्ड जेवियरियंस एलुमनी ट्रस्ट (बोक्सा ट्रस्ट) एवं शंकर नेत्रालय की ओर से लगाए गए निःशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी शिविर का गुरुवार को सफल समापन हो गया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह थे। मौके पर मुख्य अतिथि ने विद्यालय में बोक्सा ट्रस्ट की ओर से प्रदान किए गए आरओ संयंत्र (पानी फिल्टर) का फीता काटकर उद्घाटन किया। साथ में विद्यालय के अध्यक्ष शोभा सरावगी, सचिव तुलो राणा, प्रधानाध्यापक भास्कर मिश्रा, बोक्सा ट्रस्ट के संस्थापक अरविंद चोपड़ा, उपाध्यक्ष तेज बहादुर सिंह, ट्रस्टी आलोक कुमार जैन, महेश शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद थे।

शंकर नेत्रालय की टीम ने डॉ सुर्वी शर्मा और डॉ उज्ज्वल सिन्हा के नेतृत्व में एमईएसयू प्रोजेक्ट के सफल समापन पर केक काटकर मनाया उत्सव।

समारोह में मुख्य अतिथि संजय सिंह ने कहा कि इस शिविर में सेवा, संवेदना और संकल्प का संगम देखने को मिला। बोक्सा ट्रस्ट के साथ देश के प्रतिष्ठित नेत्र संस्थान शंकर नेत्रालय की विशेषज्ञ टीम ने निःस्वार्थ सेवा प्रदान की, जो काबिलेतारीफ है। हमारे इस क्षेत्र में शंकर नेत्रालय का अस्पताल खोले जाने की जरूरत है। हम अपने नगर विकास मंत्री से इस पर पहल करने का आग्रह करेंगे।

स्वर्णिम कांत एवं कार्तिक रामकृष्णन ने किया संपूर्ण प्रायोजन
विद्यालय सचिव तुलो राणा को सम्मानित करते झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह।

बोक्सा ट्रस्ट के संस्थापक अरविंद चोपड़ा ने बताया कि इस पहल की प्रेरणा उन्हें शंकर नेत्रालय के ट्रस्टी और बोक्सान 1977 बैच के मेहरचंद लंका से मिली थी, जिन्होंने इस ऐतिहासिक सहयोग के सूत्रधार की भूमिका निभाई। शिविर का संपूर्ण प्रायोजन स्वर्णिम कांत एवं कार्तिक रामकृष्णन ने किया, जिनके उदार योगदान के लिए ट्रस्ट ने विशेष आभार व्यक्त किया। मौके पर झामुमो गिरिडीह जिलाध्यक्ष संजय सिंह, श्री दुर्गा माता शिशु विद्या मंदिर मोहनपुर के अध्यक्ष शोभा सरावगी, सचिव तुलो राणा, प्रधानाध्यापक भास्कर मिश्रा, विद्यालय के शिक्षक, पत्रकार, शंकर नेत्रालय की टीम को भी गिफ्ट देकर सम्मानित किया गया।

नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने किया था उद्घाटन
निःशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी शिविर का उद्घाटन करते नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार।

श्री चोपड़ा ने बताया शिविर का शुभारंभ 30 अप्रैल को हुआ था। उद्घाटन झारखंड के नगर विकास, युवा एवं खेल, पर्यटन एवं उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार किया था। शिविर में 592 लोगों की आंखों की जांच हुई। ऑपरेशन के लिए 113 का चयन हुआ और 74 लोगों को बेहतर इलाज के लिए शंकर नेत्रालय चेन्नई रेफर किया गया। इस शिविर में 74 लोगों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ।

शंकर नेत्रालय की स्थायी इकाई चलाने की घोषणा
विद्यालय में आरओ संयत्र का उदघाटन करते संजय सिंह।

श्री चोपड़ा ने घोषणा की कि भविष्य में इसी स्थान पर शंकर नेत्रालय की स्थायी इकाई, एक निःशुल्क डायलिसिस यूनिट, व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं स्वरोजगार कार्यक्रमों का संचालन भी किया जाएगा। इस पूरी योजना के पीछे गांडेय विधायक कल्पना सोरेन की प्रेरणा रही, जिन्होंने बोक्सा ट्रस्ट को इस दिशा में आमंत्रित किया। साथ ही झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार ने गिरिडीह या गांडेय क्षेत्र में अस्पताल हेतु भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा की है।

बोक्सा ट्रस्ट के तुषार सिंह की मनी विवाह वर्षगांठ
बच्चों के बीच बिस्कुट वितरित करती विद्यालय अध्यक्ष शोभा सरावगी।

मौके पर के बोक्सा ट्रस्ट के तुषार सिंह के विवाह वर्षगांठ के उपलक्ष्य में एवं शंकर नेत्रालय की टीम ने अपने एमईएसयू प्रोजेक्ट के सफल समापन पर बच्चों के साथ केक कटिंग कर उत्सव मनाया और बच्चों के बीच टॉफी, बिस्कुट और फ्रूट जूस वितरण किया।

बच्चों ने काटा केक और मनाया उत्सव।
इनका रहा सराहनीय प्रयास

बोक्सा ट्रस्ट के उपाध्यक्ष तेज बहादुर सिंह का समर्पण और प्रबंधन इस आयोजन में विशेष रूप से सराहनीय रहा। उनकी भूमिका शिविर की सफल व्यवस्थाओं और सामुदायिक समन्वय में अत्यंत महत्वपूर्ण रही। बोक्सा ट्रस्ट के अध्यक्ष महेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में संचालित इस शिविर के सफल संचालन में कार्यक्रम के प्रमुख संयोजक अरविंद चोपड़ा, कोषाध्यक्ष अमरदीप, सदस्य अपूर्व, अनमोल, महेश शर्मा, शंकर नेत्रालय के डॉ. उज्ज्वल सिन्हा, डॉ सुजय सरकार, डॉ अमित बीदासरिया, डॉ सुर्वी शर्मा, जमुना अल्दा, मुक्ता सांडी, सुकांता हलदर, राहुल कुंडू, मो. फैज, सुहेब, अभिषेक बरला, राधेश्याम, चितरंजन बेहेरा, जन्मेजय, राजू रजक, चितरंजन जाना, सैकत दास, तपन दास, निशांत, विजय सिन्हा का सराहनीय योगदान रहा।

शिविर की महत्ता
गणमान्य लोगों एवं विद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों ने अपनी उपस्थिति से समारोह की महत्ता बढ़ाई।

इस शिविर ने यह सिद्ध किया कि जब संकल्प और सेवा एकजुट होते हैं, तो समाज में वास्तविक परिवर्तन संभव होता है। यह संपूर्ण आयोजन बोक्सा ट्रस्ट की उस दूरदर्शिता और प्रतिबद्धता का प्रमाण बना, जो समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मनिर्भरता पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्यरत है।

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