झारखंड के जिलों में मुख्यमंत्री का पुतला दहन, रांची, गिरिडीह, हजारीबाग में बवाल
इंडियन माइंड, रांची : 21 अगस्त 2026 को झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पुतला दहन को लेकर छात्र आंदोलन कई जिलों में उग्र नजर आया। यह विरोध मुख्य रूप से JPSC-JSSC परीक्षाओं/नियुक्तियों को लेकर सरकार के फैसलों और छात्रों की मांगों से जुड़ा है। दूसरी ओर, झारखंड हाईकोर्ट ने सरकार के रद्दीकरण आदेश पर रोक लगा दी है। इसी मुद्दे को लेकर JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच से जुड़े छात्रों ने 21 अगस्त को झारखंड के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया।
रांची में पुतला दहन के दौरान छात्र और पुलिस में झड़प

रांची में छात्र आंदोलन पहले से जारी है। आज प्रदर्शन और पुतला दहन के मौके पर स्थिति बिगड़ गई। पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई। कई नेता घायल हो गए। छात्र नेता कुणाल प्रताप सिंह घायल हुए। बेहोश होने पर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
गिरिडीह में तनाव, छात्रों और JMM कार्यकर्ताओं में भिड़ंत

गिरिडीह के झंडा मैदान में छात्र मुख्यमंत्री का पुतला लेकर जुटे थे। छात्रों की योजना पुतला लेकर टावर चौक की ओर जाने की थी। इसी दौरान JMM कार्यकर्ताओं के पहुंचने पर दोनों पक्षों में विवाद और मारपीट की स्थिति बन गई। दो छात्र नेताओं के घायल होने की खबर है, जिन्हें सदर अस्पताल में इलाज कराया गया।
हजारीबाग में प्रशासन से छात्रों की झड़प
हजारीबाग के गांधी मैदान, कोर्रा थाना क्षेत्र में छात्र मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने की तैयारी कर रहे थे। प्रशासन ने छात्रों को वहां से हटाने का प्रयास किया। तनाव बढ़ने पर बल प्रयोग किए जाने की खबर सामने आई है।
आंदोलन की मुख्य वजह क्या है?
छात्रों का आंदोलन मुख्य रूप से JPSC की 11वीं से 13वीं परीक्षा तथा JSSC-CGL सहित भर्ती परीक्षाओं और नियुक्तियों से जुड़े विवाद को लेकर है। सरकार द्वारा संबंधित परीक्षाओं/नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले के खिलाफ छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद बढ़ा आक्रोश
झारखंड हाईकोर्ट ने सरकार के उस फैसले के अमल पर रोक लगा दी, जिसके तहत संबंधित नियुक्तियों/परीक्षाओं को रद्द किया गया था। कोर्ट ने सरकार से जवाब भी मांगा है। छात्रों ने इसे अपनी बड़ी कानूनी राहत माना, लेकिन साथ ही सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आंदोलन तेज कर दिया।
छात्रों का सरकार पर आरोप
छात्र नेताओं का कहना है कि सरकार ने आंदोलन समाप्त कराने के लिए आश्वासन दिए, लेकिन उनकी मूल मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। छात्र सरकार से स्पष्ट नीति और लिखित प्रतिबद्धता की मांग कर रहे हैं।
1932 चयनित अभ्यर्थी भी आंदोलन में
JSSC-CGL से जुड़े करीब 1932 चयनित अभ्यर्थी भी रांची में आंदोलन कर रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, कई अभ्यर्थी भारी बारिश के बीच प्रोजेक्ट भवन के बाहर डटे रहे और रात सड़क पर गुजारी।
राजनीतिक रंग भी गहराया
पुतला दहन की घटनाओं के बाद मामला केवल छात्र आंदोलन तक सीमित नहीं रहा। गिरिडीह और हजारीबाग में छात्रों और सत्तारूढ़ JMM समर्थकों के बीच टकराव की खबरों से राजनीतिक तनाव बढ़ा है। विपक्ष ने भी छात्रों के साथ कथित मारपीट को लेकर सरकार पर निशाना साधा है।
विपक्ष का सरकार पर हमला
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने रांची, गिरिडीह और हजारीबाग में छात्रों के साथ कथित मारपीट को लेकर सरकार पर हमला बोला और इसे दमनात्मक कार्रवाई बताया। उन्होंने युवाओं को करारा जवाब देने की बात कही।
आंदोलन अब किस दिशा में?
आज की घटनाओं से साफ है कि JPSC-JSSC विवाद को लेकर छात्र आंदोलन फिर से तेज हो रहा है। पुतला दहन, प्रदर्शन और स्थानीय स्तर पर टकराव के कारण सरकार पर राजनीतिक और सामाजिक दबाव बढ़ा है। हालांकि, अलग-अलग जिलों में क्या कार्रवाई हुई, इसकी पूरी तस्वीर देर रात तक सामने आ सकती है।
