कला संगम ने किया नाटक कोमल गांधार का भावपूर्ण मंचन
दर्शकों ने नाटक मंचन को सराहा, कलाकारों की हौसला अफजाई की
गिरिडीह : कला संगम के तत्वावधान में शनिवार को अधिवक्ता संघ भवन में डॉ शंकर शेष लिखित नाटक ‘कोमल गांधार’ का मंचन किया गया। नाटक का निर्देशन कला संगम के सचिव सतीश कुंदन एवं डिजाइन नाट्य प्रमुख नीतीश आनंद ने किया था। नाट्य मंचन का उद्घाटन अध्यक्ष पंकज ताह की अध्यक्षता में कला संगम के संरक्षक अजय कुमार सिन्हा, कार्यकारी अध्यक्ष कृष्ण कुमार सिन्हा, सचिव सतीश कुंदन, उपाध्यक्ष राजीव सिन्हा, देवेंद्र सिंह, अजय कुमार, डॉ तारकनाथ देव, सह सचिव शिवेंद्र सिन्हा, सुजय राज गुप्ता, मनोज कुमार मुन्ना ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
नाटक ‘कोमल गांधार’ महाभारत के कथानक पर आधारित है, जिसमें एक स्त्री का अपने पिता के छल प्रपंच का मूक विद्रोह को दर्शाता है। गांधारी अपनी शादी हस्तीनापुर के सम्राट से होने की खबर से आह्लादित रहती है, लेकिन जब एक दासी द्वारा बताया जाता है कि उसका पति जन्मांध है तो गांधारी के सपना चकनाचूर हो जाता है। मन में पुरूष सत्तात्मक व्यवस्था के खिलाफ एक विद्रोही भाव उभरता है कि किस प्रकार उसके पिता और भीष्म ने राजनीति और साम्राज्य के विस्तार के लिए एक कोमल गांधारी का उपयोग एक मोहरे के समान किया है। इस धोखे के प्रतिरोध स्वरूप वह आंखों में पट्टी बांध लेती है।
नाटककार ने इसे पुरूष सत्तात्मक व्यवस्था और अपने साथ हुए अन्याय का एक मूकविद्रोह दिखाया है। नाटक पारंपरिक मान्यताओं को तोडते हुए एक ठगी हुई दुल्हन की मानसिक वेदना को दर्शाता है। नाटक को दर्शकों ने खूब सराहा। नाटक प्रदर्शन के लिए संरक्षकगण राजेन्द्र बगडिया, सतविंंदर सिंह सलूजा, प्रकाश सहाय आदि ने सभी कलाकारों को शुभकामनाएं दी और हौसला अफजाई की।
नाटक के सह निर्देशक नीतीश आनंद ने दुर्योधन, शुभम कुमार ने धृतराष्ट्र, सृष्टि गिरि ने गांधारी तथा संस्कृति आनंद ने दासी, अनुराग सागर ने भीष्म, रविश आनंद ने संजय, संदीप सिन्हा ने शकुनि की भूमिका अदा की। पार्श्व संगीत अनुराग सागर ने दिया। सहयोग विकास रंजन एवं सुजाता कुमारी ने किया। मंच सज्जा में सचिन दास और इंद्रजीत मिश्रा ने सहयोग किया।
धन्यवाद ज्ञापन अध्यक्ष पंकज ताह ने किया। कार्यक्रम में राजेश सिन्हा, सुनील भूषण, गोपाल दास भदानी, विनय बक्सी, अजय गुप्ता, अशोक गुप्ता, नवीन कुमार, नयन दीप सिन्हा सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।

