राजभाषा हिन्दी के प्रयोग से ही देश का सर्वांगीण विकास संभव : मनीष
— उद्यम सर्वेक्षण इकाई गिरिडीह में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की अर्धवार्षिक बैठक संपन्न
गिरिडीह : नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, गिरिडीह (नराकास) की अर्धवार्षिक बैठक शुक्रवार को उद्यम सर्वेक्षण इकाई गिरिडीह के सभागार में हुई। केंद्र सरकार के अधीनस्थ कार्य करनेवाले राजभाषा सदस्यों के मध्य आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता कर रहे समिति के अध्यक्ष सह उद्यम सर्वेक्षण इकाई गिरिडीह के निदेशक मनीष आनंद ने कहा कि राजभाषा हिन्दी के प्रयोग से ही हमारे देश का सर्वांगीण विकास संभव है। निदेशक आनंद ने कहा कि अपनी भाषा संस्कृति की संवाहक होती है एवं किसी भी राष्ट्र की उन्नति उसके संस्कृति के संरक्षण से ही संभव है। अतः हम सभी को हिन्दी का अधिकाधिक प्रयोग करना चाहिए।

वरीय सांख्यिकी अधिकारी अजीत कुमार के संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम में राजभाषा गिरिडीह (नराकास ) के सचिव राजेश कुमार उपाध्याय ने राजभाषा से संबंधित नियम-अधिनियमों को उदाहरण सहित वर्णन करते हुए कहा कि हिन्दी जैसी समृद्ध भाषा का अधिकाधिक प्रयोग देश को हर दृष्टि से विश्व स्तर पर पहचान देगा। साथ ही उन्होंने राजभाषा के समुचित प्रयोग का आह्वान किया। बैठक में राजभाषा से संबंधित रिपोर्ट के ससमय प्रेषण एवं राजभाषा के उल्लेखनीय प्रयोग हेतु विभिन्न कार्यालयों की समीक्षा करने के पश्चात प्रथम पुरस्कार पंजाब नेशनल बैंक, द्वितीय पुरस्कार सेन्ट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया और तृतीय पुरस्कार कोयला खान भविष्य निधि (देवघर) कार्यालय को प्रदान किया गया।

बैठक को सहायक निदेशक अमिता रोज तिरकी, वरीय सांख्यिकी अधिकारी उत्तम दास, कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी मनीषा दास, कोयला खान भविष्य निधि, स्टेट बैंक ऑफ़ इण्डिया, इंडियन बैंक, केंद्रीय विद्यालय, बैंक ऑफ़ इंडिया, दामोदर घाटी निगम, इंडियन ओवरसिज बैंक, पोस्ट ऑफिस, भारतीय सांख्यिकी संस्थान, नेहरू युवा केंद्र (माय युवा भारत), पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन माइंड के संपादक सुनील मंथन शर्मा सहित कई संस्थाओं एवं राजभाषा के अधिकारियों ने सम्बोधित किया।
