बालमुकुंद फैक्ट्री में उसरी नदी से पानी लाने के विरोध में पूर्वांचल क्षेत्र में निकला मशाल जुलूस
2 अगस्त को गंगापुर से वनांचल कॉलेज तक बनेगी मानव श्रृंखला, उसरी नदी और वाटर फॉल बचाने का संकल्प
गिरिडीह : उसरी नदी और प्रसिद्ध उसरी वाटर फॉल के अस्तित्व को बचाने की मांग को लेकर पूर्वांचल क्षेत्र में बालमुकुंद स्पंज आयरन फैक्ट्री के खिलाफ आंदोलन तेज हो गया है। इसी कड़ी में शनिवार की शाम गंगापुर से मशाल जुलूस निकाला गया, जिसमें विभिन्न गांवों के सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। आंदोलनकारियों ने फैक्ट्री प्रबंधन और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उसरी नदी को बचाने का संकल्प दोहराया।

मशाल जुलूस में चतरो, गंगापुर, बड़कीटांड, मोहनपुर, झलकडीहा, गादी श्रीरामपुर, मंझलाडीह, तुरुकडीहा, विश्वासडीह, पूर्णानगर, अजीडीह, हरसिंहरायडीह, भोरंडीहा, उदनाबाद, कोयमारा सहित पूर्वांचल क्षेत्र के कई गांवों के लोग शामिल हुए। जुलूस के दौरान “उसरी नदी बचाओ”, “वाटर फॉल बचाओ”, “बालमुकुंद फैक्ट्री प्रबंधन होश में आओ” और “जिला प्रशासन होश में आओ” जैसे नारे लगाए गए।
आंदोलनकारियों ने बताया कि 2 अगस्त को गंगापुर से वनांचल कॉलेज तक मानव श्रृंखला बनाकर उसरी नदी से फैक्ट्री के लिए पाइपलाइन बिछाने का विरोध किया जाएगा। इसके लिए पिछले कई दिनों से प्रभावित गांवों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है।

इस अभियान में सभी राजनीतिक दलों के नेता भी शामिल हैं। राजनीतिक दलों में से भाजपा गिरिडीह के पूर्व विधायक निर्भय शहाबादी, कोडरमा सांसद प्रतिनिधि भाजपा नेता दिनेश यादव, भाजपा गिरिडीह महानगर अध्यक्ष रणजीत राय, उसरी बचाओ अभियान के संयोजक माले नेता राजेश सिन्हा, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के राजेश यादव, कम्युनिस्ट नेता कन्हाई पाण्डेय, जेकेएलएम के केंद्रीय संयुक्त महासचिव नागेंद्र चंद्रवंशी, झामुमो नेता हसनैन अली, कांग्रेस के समीरराज चौधरी, उप प्रमुख सौरभ त्रिवेदी, गादी श्रीरामपुर मुखिया प्रतिनिधि सुनील सिंह, पंचायत समिति सदस्य रंजीत राय, शुभांकर कुमार, अनिल राय, विजय विशाल राय, रोहित चौबे, चन्दर वर्मा, राजकिशोर साव, मंतोष राणा, उमेश राणा, घनश्याम पंडित, गुड्डू राणा, कैलाश राणा, संदीप गुप्ता, मसुदन कोल्ह, राजेश साव, धनेश्वर राय, शीनू मरांडी, आकाश विश्वकर्मा, कुंदन गुप्ता सहित पूर्वांचल क्षेत्र के हर एक गांव के लोग शामिल हैं।

सभी लोगों का कहना है कि एक तो पूर्वांचल क्षेत्र के लोग पहले से ही प्रदूषण की मार झेल रहे हैं और अब उसरी नदी से पानी लेने के लिए पाइप पुलिस प्रशासन के सहयोग से बिछाया जा रहा है। उसरी नदी से यदि फैक्ट्री में पानी लाया जाएगा तो नदी के साथ-साथ प्रसिद्ध पर्यटन स्थल वाटर फॉल का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा। उसके बाद इस क्षेत्र की जनता पानी के लिए त्राहिमाम करेगी। इसलिए यह अपने और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को बचाने के लिए लड़ाई है। किसी भी कीमत पर फैक्ट्री को पानी नहीं लाने दिया जाएगा।
