बालमुकुंद स्पंज फैक्ट्री के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लेने पर डीसी से नाराज हुए ग्रामीण
महुआटांड़ गांव में पेयजल को लेकर पीएचईडी विभाग और बीडीओ को निर्देश
गिरिडीह : सदर प्रखंड के उदनाबाद पंचायत में स्थित बाबा दुखहरण नाथ मंदिर के पास गादी श्रीरामपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करने के बाद महुआटांड़ गांव में पेयजल की सुविधा नहीं होने की ग्रामीणों की शिकायत पर उपायुक्त राम निवास यादव ने महुआटांड़ गांव पहुंचकर निरीक्षण किया।
ज्ञात हो कि मंगलवार को उपायुक्त के जनता दरबार में गिरिडीह पूर्वांचल क्षेत्र में प्रदूषण के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व करने वाले विजय विशाल राय के साथ माले नेता राजेश सिन्हा, चंदर वर्मा, मो. हसनैन अली, टिंकू साव, अरुण साव आदि ने बालमुकुंद स्पंज फैक्ट्री में उसरी नदी से पाइपलाइन के सहारे पानी उठाने की योजना पर रोक लगाने का आवेदन दिया था। साथ ही महुआटांड़ गांव के आसपास के गांवों में भी पेयजल की भारी किल्लत की शिकायत की गई थी। महुआटांड़ गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उपायुक्त के समक्ष फिर से पेयजल की समस्या सामने रखी। उसके बाद पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों एवं बीडीओ से विमर्श कर यहां पेयजल की व्यवस्था कराने का उपायुक्त ने आश्वासन दिया।

इस दौरान ग्रामीणों में चतरो के विजय विशाल राय, रंजीत राय, विकास राय आदि ने उपायुक्त को बालमुकुंद फैक्ट्री की ओर से बिछाए गए पाइपलाइन की शिकायत की गई। ग्रामीणों ने कहा कि एक ही गांव में 15 बच्चे विकलांग पैदा हुए हैं। फैक्ट्री के धुआं से हमलोगों का जीना दूभर हो गया है। इसी दौरान चतरो के श्रीकांत ने एक बोतल में बालमुकुंद फैक्ट्री से निकलने वाला गंदा पानी उपायुक्त को सौंपा। उपायुक्त ने पानी की जांच कराने का आश्वासन दिया, लेकिन उपायुक्त के विकलांग पैदा होने और धुआं के निकलने पर जो वक्तव्य दिया गया, उससे ग्रामीण नाराज हो गए। डीसी के एक्शन नहीं लेने के कारण उनके जाने के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई।
विजय विशाल राय ने कहा कि उपायुक्त सिर्फ खानापूर्ति करने आए थे। उन्हें उस क्षेत्र की जनता से मतलब नहीं है। जनता की सुनना नहीं चाहते हैं, सिर्फ अपनी सुनाकर चले गए।
माले नेता राजेश सिन्हा ने कहा कि बालमुकुंद फैक्ट्री गिरिडीह से कमाता है और गिरिडीह के ही खिलाफ काम करता है। पाइपलाइन बिछाकर उसको पानी नहीं लाने देंगे। इसके लिए चरणबद्ध आंदोलन होगा। जनता को आगे आना होगा। उन्होंने उपायुक्त से कहा कि यदि बनाना है इंटेकवेल तो वाटर फॉल के बाद बनाया जाय। 50 एकड़ में डैम बनाया जाय और शहरी और ग्रामीणों इलाकों में भी पानी की समस्या दूर की जाय।
मौके पर उपप्रमुख सौरव कुमार, गादी श्रीरामपुर मुखिया प्रतिनिधि सुनील सिंह, झामुमो नेता हसनैन अली, उदनाबाद मुखिया प्रतिनिधि नरेश यादव, मोहनपुर पंचायत समिति प्रतिनिधि वीरेंद्र राय, उदनाबाद के पूर्व मुखिया दिलीप उपाध्याय, रोहित चौबे, प्रभाकर मिश्रा, राजेश मरिक सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।
