कला संगम के कवि सम्मेलन में कविता सुन झूमे श्रोता
कला संगम के संस्थापक अध्यक्ष स्व. डॉ रघुनंदन प्यासा की स्मृति में आयोजित हुआ कवि सम्मेलन
गिरिडीह : कला संगम के तत्वावधान में रविवार को वकालत खाना गिरिडीह में कला संगम के संस्थापक अध्यक्ष रहे स्व. रघुनंदन प्यासा की स्मृति में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन की शुरुआत कला संगम के संरक्षक राजेंद्र बगेड़िया, अजय सिन्हा मंटू, अध्यक्ष पंकज ताह, कार्यकारी अध्यक्ष कृष्णा कुमार सिन्हा, सचिव सतीश कुन्दन, नाट्य प्रमुख नीतीश आनंद ने स्व. रघुनंदन प्यासा की तस्वीर पर माल्यार्पण कर की। उसके बाद संरक्षक पद के लिए अजय सिन्हा मंटू, संयोजक के लिए चुन्नूकांत, सह सचिव के लिए शिवेंद्र सिन्हा और अजय कुमार गुप्ता को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई।

उसके बाद कविताओं का दौर चला। गिरिडीह के उदयशंकर उपाध्याय, पूनम सहाय, डॉ छोटू प्रसाद चंद्रप्रभ, डॉ पुष्पा सिन्हा, मो सरफराज चांद, संजय करूणेश, महेश अमन, कलीमुद्दीन गौहर, लातेहार के जावेद हुसैन जावेद, हजारीबाग के तसव्वुर वारसी, सुनील मंथन शर्मा, अनंत ज्ञान, डॉ डॉली कुमारी, प्रिया कुमारी, नेतलाल नरेश, रामकुमार सिन्हा, डॉ बृजेश वर्णवाल आदि ने एक से बढ़कर एक कविताएं सुनाई और खूब वाहवाही लूटी। मंच संचालन साहित्य प्रमुख डॉ अनुज कुमार ने किया और साथ में कविताएं भी सुनाई। मौके पर उपाध्यक्ष अजय शिवानी ने भी कई गीत सुनाकर श्रोताओं को खूब झुमाया।

मौके पर कला संगम के उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह, राजीव सिन्हा, सह संयोजक गोपाल दास भदानी, सह सचिव मनोज कुमार मुन्ना, संगीत प्रमुख ओरीत दा, नयनदीप सिन्हा, प्रदीप वर्णवाल, कृष्णा बगड़िया, बद्री दास, राजेश अभागा, बी अगस्त क्रांति कुमार, मुख्तार हुसैनी, अनिल चंद्रवंशी, रविश आनंद, इंद्रजीत मिश्रा, शुभम, राजेंद्र वर्णवाल, राजीव रंजन, नीलम सिन्हा, अनुराग सागर सहित सैकड़ों श्रोता उपस्थित थे।

