Friday, August 28, 2026
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गिरिडीह में बैंककर्मियों का प्रदर्शन, पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह समेत कई मांगें उठाईं

गिरिडीह : यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर गुरुवार को बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने बैंक ऑफ इंडिया के अग्रणी जिला प्रबंधक कार्यालय, गिरिडीह के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने गगनभेदी नारे लगाते हुए अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर केंद्र सरकार, भारतीय बैंक संघ एवं वित्तीय सेवा विभाग के खिलाफ आवाज बुलंद की।

प्रदर्शन में महिला बैंककर्मियों की भागीदारी भी काफी अच्छी संख्या में रही। बैंककर्मियों ने मुख्य रूप से पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह को तत्काल लागू करने, उत्पादकता आधारित प्रोत्साहन राशि के भुगतान में विसंगतियों को दूर करने, पेंशन अद्यतन सहित अन्य लंबित मुद्दों पर तत्काल वार्ता कर समाधान निकालने तथा वित्तीय सेवा विभाग द्वारा लागू की जा रही कर्मचारी विरोधी नीतियों को वापस लेने की मांग की।

बैंक यूनियनों के नेताओं ने कहा कि देश में रिजर्व बैंक, नाबार्ड, सेबी, स्टॉक एक्सचेंज, बीमा क्षेत्र की विभिन्न कंपनियों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों, सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र, ओएनजीसी, बीपीसीएल, सरकारी मंत्रालयों एवं न्यायालयों सहित कई संस्थानों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह का प्रावधान है। इसके बावजूद वाणिज्यिक बैंकों में यह व्यवस्था लागू नहीं होना बैंक कर्मचारियों के साथ अन्याय है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हाल ही में वित्तीय सेवा विभाग के निर्देशों के आधार पर बैंकिंग उद्योग में कर्मचारियों के उत्पादकता आधारित प्रोत्साहन राशि के भुगतान में विसंगतियां सामने आई हैं। बैंक यूनियनों का आरोप है कि बैंकिंग उद्योग के इतिहास में इस प्रकार की स्थिति पहले नहीं रही है। इस मामले को केंद्रीय श्रम आयुक्त, दिल्ली के समक्ष विवादित बताया गया है।

यूनियन नेताओं ने कहा कि बैंकिंग उद्योग का 12वां द्विपक्षीय समझौता 8 मार्च 2024 को हुआ था, लेकिन पेंशन अद्यतन सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान अब तक नहीं हो सका है। लगभग 27 महीने बीत जाने के बावजूद भारतीय बैंक संघ और केंद्र सरकार द्वारा इन लंबित मामलों के समाधान में टालमटोल की जा रही है, जो गंभीर चिंता का विषय है।

प्रदर्शनकारियों ने वित्तीय सेवा विभाग पर कर्मचारी विरोधी नीतियां लागू करने का आरोप लगाते हुए इसकी तीव्र निंदा की और ऐसी नीतियों को तत्काल रद्द करने की मांग की।

यूनियन नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की टालमटोल की नीति के कारण बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होना पड़ा है। आंदोलन के तहत आज अखिल भारतीय प्रदर्शन आयोजित किया गया। आने वाले दिनों में काला बिल्ला लगाकर विरोध, पोस्टर अभियान, धरना, प्रेस वार्ता सहित अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

आंदोलन की आगामी रूपरेखा के अनुसार 11 सितंबर 2026 को अखिल भारतीय एक दिवसीय हड़ताल, 28, 29 एवं 30 सितंबर 2026 को तीन दिवसीय अखिल भारतीय हड़ताल की जाएगी। यदि इसके बाद भी केंद्र सरकार मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं करती है तो 26 अक्टूबर 2026 से देशभर के बैंकों में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है।

आज के प्रदर्शन कार्यक्रम में कामरेड पवन कुमार बरनवाल, दिलीप कुमार, दीपक कुमार, प्रकाश भारती, ध्रुव कुमार, मेघा होरो, आशीष कुमार, जुबेर आलम, नूरेंद्र कुमार, शाहबाज अंसारी, मृत्युंजय कुमार, महेंद्र कुमार, आनंद शेखर, अभिषेक कुमार, सबीर आलम, अभिषेक हांसदा, आदित्य कुमार, मैरी, अनुराधा, निधि, अंकिता, सुप्रिया, शिखा सहित बड़ी संख्या में बैंककर्मी एवं अधिकारी शामिल हुए।

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